Header Ads

हेलिकॉप्टर से उतरकर मारा था आतंकियों को, अब कश्मीर में हुआ शहीद.....

loading...

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में वायुसेना के दो गरुड़ कमांडो शहीद हो गए. इनमें से एक जवान मिलिंद खैरनार उन गरुड़ कमांडोज में से एक थे, जिन्होंने मुंबई हमले के वक्त नरीमन हाउस में घुसकर आतंकियों को मौत के घाट उतारा था.
बताया जा रहा है कि मूलतः महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के रहने वाले मिलिंद चंडीगढ़ में पोस्टेड थे. वे ट्रेनिंग के लिए जम्मू कश्मीर गए थे. तभी राख पारिबल हाजिन इलाके में 3 से 5 आतंकियों के छिपे होने की खबर सेना को मिली. जिसके बाद पुलिस और सेना ने आतंकियों को ढेर करने ऑपरेशन छेड़ा.जब आतंकियों को ढूंढते हुए सेना के जवान हाजिन पहुंचे तो घरों में छिपे बैठे आतंकियों ने सेना पर हमला कर दिया. जिसमें गरुड़ कमांडो के जवान सर्जेंट मिलिंद खैरनार और कॉर्पोरल निलेश कुमार शहीद हो गए.
जम्मू कश्मीर जाने के पहले मिलिंद अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ में रहते थे. उनके परिवार में पत्नी हर्षदा और दो बेटियां वेदिका (5 वर्ष) और कृष्णा (2 वर्ष) है. उनके बड़े भाई मनोज खैरनार मुंबई पुलिस में जवान हैं और पिता बिजली विभाग में कार्यरत थे.
बताया जा है कि मिलिंद के माता पिता भी उनके साथ बीते कुछ दिनों से चंडीगढ़ में ही रह रहे थे. उन्होंने कहा कि, “मिलिंद के शहीद होने पर मुझे गर्व है. वह देश के लिए शहीद हुआ. मुंबई में भी उसने आतंकियों को ठिकाने लगाया था.”बता दें कि 2002 में मिलिंद वायुसेना में भर्ती हुए थे. इसके बाद उनकी पोस्टिंग दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात के कई इलाकों में हुई. पिछले कुछ समय से वे चंडीगढ़ में रह रहे थे. कुछ माह पहले ही उन्होंने कार खरीदी थी. जिसके फोटो उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किये थे.
मिलिंद के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके गांव बारोले में पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया. उनके घर पर लोग बड़ी तादाद में इकठ्ठा हुए. बताया जा रहा है कि इसी गांव में मिलिंद का बचपन गुजरा. आज उनका पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से बारोला लाया जाएगा.

No comments

Powered by Blogger.